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अभी आपकी वो हैसियत और औकात नहीं बनी है कि आप श्री नीतीश कुमार से बहस करें ।

तेजस्वी यादव जी , राजनीति में अभी आपकी वो हैसियत और औकात नहीं बनी है कि आप श्री नीतीश कुमार से बहस करें । अभी आपका कद श्री नीतीश कुमार के सामने बहुत छोटा है । इसलिए जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता होने की हैसियत से मैं तेजस्वी यादव को चुनौती देता हूं कि जिस पब्लिक डोमेन में बहस करना है हम तैयार है । वक्त और जगह तेजस्वी यादव तय कर लें । जिन जिन सवालो के जवाब चाहिए , गिन-गिन कर जवाब जनता के सामने हम देने को तैयार है । लेकिन तेजस्वी जी,  आप की गैरत कब जगेगी ? कब आप अपनी 15000 करोड़ की संपत्ति का ब्यौरा देंगे ? कब आप अपने बेनामी संपत्ति का लेखा जोखा पेश करेंगे ? क्यों आपके पिता लालू यादव जेल के सलाखों के पीछे है ? क्यों राबड़ी देवी को ईडी का बुलावा आता रहा है  ? क्यों आप लगातार सीबीआई का चक्कर लगाते रहे है ? क्यों आपकी सम्पति जब्त हो रही है ? पब्लिक के सामने हम तो जवाब दे देंगे । लेकिन हमें लगता है कि तेजस्वी यादव एक मिनट भी पब्लिक के सामने टिक नहीं पाएंगे ।

तेजस्वी यादव जी ,  पब्लिक है सब कुछ जानती है ।  माननीय श्री नीतीश कुमार कभी भी भ्रष्टाचार पर चुप नहीं रहे है । यही वजह है कि जैसे ही उन्हें पता चलता है , उस पर वो कार्रवाई करते है । जीतन राम मांझी , रामाधार सिंह सहित कई लोग इसके उदाहरण है । जिनको माननीय श्री नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया था ।

    तेजस्वी यादव जी , श्री नीतीश कुमार ईमानदारी पर शक करना सूरज को दीया दिखाना है । उनकी ईमानदारी की लोग कसमें खाते हैं । यही वजह है कि बिहार में 2005 के बाद श्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री  है । बिहार की जनता उनकी ईमानदारी की वजह से ही बार बार सीएम बनाई है। श्री नीतीश कुमार कही भी रहे उनकी छवि को कभी नुकसान नहीं हुआ ।  शायद तेजस्वी यादव को याद नहीं है 2005 और 2010 में आरजेडी की हालत क्या हुई थी ।

तेजस्वी यादव जी , आपकी भ्रष्टाचार सोच ही थी कि महागठबंधन में आपको को घुटन हो रही थी ।  क्योंकि श्री नीतीश कुमार भ्रष्टाचार नहीं करने दे रहे थे । इस बाबत आपको और आपका पूरा कुनबा नीतीश कुमार से नफरत करने लगा था । यदि यह सच नहीं होता तो आपने  ने खुद आगे आकर इस्तीफा क्यों नहीं किया था ? खुली बहस की इच्छा है तो बेनामी संपत्ति और भ्रष्टाचार पर बहस को सामने आईये। है साहस तो चुनौती स्वीकार करिए। क्यों क्या कहते हैं तेजस्वी जी ?

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