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64वीं BPSC टॉप-10 में पहुंचा गरीब का बेटा, ओम प्रकाश पाया प्रथम स्थान

पटना. BPSC यानी बिहार लोक सेवा आयोग के 64 वीं बीपीएससी की  Final Result परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले ओम प्रकाश गुप्ता ने फतुहा का नाम रौशन किया| बता दें कि किराना दुकानदार बिंदेश्वर साव के पुत्र ओम प्रकाश गुप्ता ने पहले ही प्रयास में बीपीएससी में टॉप कर एक बड़ी सफलता हासिल की है| वहीं दूसरी तरफ सुपौल जिला निवासी विद्यासागर दूसरे स्थान पर रहे। दरभंगा के लक्ष्मी सागर निवासी अनुराग आनंद को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। मुंगेर के धरहरा निवासी विशाल को बीपीएससी में चौथी रैंक मिली है। वहीं शशांक बर्णवाल को पांचवां, अजीत कुमार को छठा, आलोक कुमार को सातवां, निखिल कुमार को आठवां, राघवेंद्र मणि त्रिपाठी को नौवां और दीपक कुमार को दसवां स्थान मिला है। चौंकाने वाली बात आज ये भी है कि इस बार के टॉप टेन में कोई महिला अभ्यर्थी स्थान नहीं बना सकी।

बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित होने वाली संयुक्‍त प्रतियोगिता परीक्षा राज्‍य में सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली सबसे उच्‍च स्‍तर की परीक्षा है। इसमें सफल होने वाले प्रतिभागियों की सक्‍सेस स्‍टोरी नौकरी की चाहत रखने वाला हर युवा जानना चाहता है।

बता दें कि बीपीएससी 64वीं संयुक्त परीक्षा का रिजल्‍ट अब से थोड़ी देर पहले जारी किया गया है, जिसमें ओम प्रकाश गुप्ता टापर बने, जबकि सुपौल निवासी यूपीएससी सफल विद्या सागर को दूसरा स्थान मिला।

64 वीं बीपीएससी की  Final Result के कुछ टापर की कहानी-

टॉपर ओम प्रकाश गुप्ता गरीब परिवार से संबंध रखते हैं। फतुहा के सेनारो गांव के रहने वाले हैं और उनके पिता गरीब हैं और किराना दूकान चल्या करते हैं । ओम प्रकाश 2012 में आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग पास आउट हुये।  बी-टेक की परीक्षा पास करने के बाद कई कंपनियों के ऑफर मिले लेकिन ओम प्रकाश गुप्ता ने निजी कंपनियों में नौकरी करने की बजाए घर की माली हालत को देखते हुए अगले 5 सालों तक पटना में आईआईटी की तैयारी करने वाले छात्रों को ट्यूशन पढ़ाया, इस दौरान वह प्रशासनिक सेवा की तैयारियों में जुटे रहे और आज सफलता भी पा ली…|

BPSC में द्वितीय रैंक लाने वाले विद्या सागर सुपौल निवासी हैं और उनके पिता शिक्षक हैं| विद्या सागर ने 2020 में यूपीएससी में सफल हुए थे।  बचपन से ही लोगों की सेवा करने का सपना था जो आज साकार हो रहा है।

दरभंगा के लक्ष्मी सागर निवासी अनुराग आनंद को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। अनुराग आनंद 2016 में आइआइटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग कर सिविल सेवा की तैयारी कर रहे थे | इनके पिता विजय कुमार झा एसबीआइ में पीओ हैं।

मुंगेर के धरहरा निवासी विशाल को BPSC में चौथी रैंक मिली है। विशाल फिलहाल डिफेंस में कोलकाता में कार्यरत हैं। नौकरी के साथ हर दिन सात-आठ घंटे नियमित पढ़ाई करते रहे। हमेशा देश सेवा करने का लक्ष्य रहा है। अब वह बिहार में रहकर राज्य के लोगों की सेवा की तैयारी कर रहे हैं।

झारखंड के गिरीडीह निवासी शशांक वर्णवाल को BPSC में पांचवीं रैंक प्राप्त हुई है। उनके पिता दिगंबर मोदी बिजनेसमैन हैं । उन्हें बचपन से ही पब्लिक सर्विस कमीशन के जरिए लोगों की सेवा के लिए कार्य करने की लालसा रही है। पहली बार में बीपीएससी में सफलता प्राप्त हुई।

पटना के कंकड़बाग में अशोक नगर निवासी अजीत की सफलता की कहानी काफी अलग है। वह मध्यम परिवार से है। उनके पिता वीरेंद्र प्रसाद डीएवी ट्रांसपोर्ट नगर के लिए ऑटो चलाते थे। हमेशा पापा को परेशानी में देखा। बचपन से ही अधिकारी बनने का लक्ष्य रखा। पढ़ाई जारी रखी। दुबई में आयल एंड गैस कंस्ट्रशन कंपनी में 2012 में नौकरी करने लगे तब पिता ने ऑटो चलाना छोड़ दिया। 2017 तक दुबई में रहे। लौटकर तैयारी कर रहे हैं। हर दिन आठ-10 घंटे पढ़ाई से छठी रैंक मिली।

बीपीएससी में मेन्‍स पेपर पर ध्‍यान देने की सलाह

समस्तीपुर के विक्रमपुर बांदे के रहने वाले दीपक कुमार ने बीपीएससी की परीक्षा में 10वीं रैंक लाकर जिले का नाम रोशन किया है। दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। दीपक 2016 से दिल्ली में सिविल सेवा की तैयारी में जुटे थे। सफलता का श्रेय सेल्फ स्टडी, माता-पिता और भाई को देते हैं। दीपक के बड़े भाई रेलवे में गार्ड हैं जबकि पिता रेलवे से सेवानिवृत कर्मचारी हैं। वे बताते हैं परीक्षा में सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। गुरु का मार्गदर्शन और सेल्फ स्टडी सफलता दिलाती है। उन्होंने कहा कि बीपीएससी में मेन्स पेपर पर ध्यान देने की जरूरत है।———-

एक से दस तक केवल लड़के ही हैं। तीसरे नंबर पर अनुराग आनंद और चौथे टॉपर में विशाल का नाम है। परिणाम सूची के मुताबिक छठे, नौवें और दसवें नंबर के टॉपरों ने बिहार पुलिस सेवा को प्राथमिकता दी है। शेष सात टॉपरों ने बिहार प्रशासनिक सेवा को प्राथमिकता दी है। बिहार प्रशासनिक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक ने बताया – पहले आधिकारिक तौर पर रिजल्ट को पास किया गया। उसके बाद वेबसाइट पर जारी किया गया है। छात्र अपना रिजल्ट आयोग के वेबसाइट पर जाकर आसानी से देख सकते हैं।

BPSC की ओर से जारी रिजल्ट में कहा गया है कि इस बार सभी कोटे में ओम प्रकाश गुप्ता ने टॉप किया है। वहीं विद्यासागर दूसरे स्थान पर रहे। शशांक बर्णवाल को पांचवां, अजीत कुमार को छठा, आलोक कुमार को सातवां, निखिल कुमार को आठवां, राघवेंद्र मणि त्रिपाठी को नौवां और दीपक कुमार को दसवां स्थान मिला है। बोर्ड ने आगे बताया कि इस बार 11 पदों पर रिजल्ट जारी नहीं किया गया है। यानी 1454 पद BPSC की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है – राज्य में अनुमंडल पदाधिकारी एवं वरीय उप समाहर्ता के 28, बिहार पुलिस सेवा के 40, वाणिज्य कर अधिकारी 10, बिहार कारा सेवा के काराधीक्षक दो, आपूर्ति निरीक्षक 223, राजस्व अधिकारी एवं समकक्ष 571, नगर कार्यपालक पदाधिकारी 7, प्रखंड पंचायत पदाधिकारी के 133 पद पर नियुक्ति की जायेगी।

About Amlesh Anand

My self Amlesh Anand, MA in Journalism from NOU patna, and MA in Dramatics from LNMU Darbhanga. Theater was my passion and from there we got interested in journalism. so I associated with different organizations in print and electronic media for the last ten salons, associated with reporting as a freelance journalist. The Mumbai correspondence associated with the Fourth Pillar magazine in early 2001 began film reporting, Then he remained associated with the news magazine, worked for Prabhat Khabar for independent reporting, but started his journalism journey permanently from Patna, the Sonbhadra Express daily newspaper. Contributed to the desk head in Swaraj Khabar Hindi daily. In additional interest my favorite field was directing in which for 15 years he also directed many fiction shows in many production houses like Balaji Telefilms. Theater was our first journey from where we got attracted towards journalism.

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